साइबर सुरक्षा में शीर्ष 10 देशों में पहुंची भारत की रैंकिंग

नई दिल्ली। इलेक्ट्रानिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में कहा कि देश में साइबर हमलों से निपटने के लिए एक मजबूत तंत्र है और साइबर सुरक्षा में भारत की रैंकिंग दुनिया के शीर्ष दस देशों में पहुंच गई है।

वैष्णव ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भारत की दुनिया में रैंकिंग 30 से 40 के आस पास रहती थी लेकिन पिछले कुछ वर्षों में देश में एक मजबूत साइबर सुरक्षा तंत्र का गठन किया गया है। इससे भारत साइबर सुरक्षा रैंकिंग में शीर्ष दस देशों में शामिल हो गया है। न्होंने कहा कि इसी मजबूत साइबर सुरक्षा तंत्र की मदद से पिछले वर्ष जी- 20 देशों की बैठक और अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान देश में बड़े स्तर पर साइबर हमले की कोशिश को विफल किया गया था। उन्होंने कहा कि अब दुनिया के कुछ और देश भी इस क्षेत्र में भारत से सहयोग लेना चाहते हैं।

वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि देश से फलों के निर्यात में 47 प्रतिशत की बढोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार निर्यात को बढाने तथा फलों के रख-रखाव और उनकी गुणवत्ता बनाये रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है। फलों को कीटों से बचाने के लिए उनका उपचार भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि फलों की पैकेजिंग प्रक्रिया को भी अत्याधुनिक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत से केला , संतरा , लीची , अनार और अन्य फलों का निर्यात किया जाता है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इन फलों को विदेशों के मानकों के अनुरूप बनाये रखने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कानूनी मोर्चे पर संसद ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम पारित किया है और मौजूदा आईटी कानूनों में प्रावधानों को भी मजबूत किया है। वैष्णव ने कहा कि इसके अलावा नए भारतीय न्याय संहिता अधिनियम में साइबर अपराधियों के लिए दंड के प्रावधान हैं।

उन्होंने कहा कि तकनीकी पक्ष पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साइबर अपराधों से समन्वित और प्रभावी तरीके से निपटने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) बनाया है और इसके अच्छे परिणाम मिले हैं। वैष्णव ने बताया कि कि ‘सीईआरटी-इन’ द्वारा दी गई और ट्रैक की गई जानकारी के अनुसार, साइबर सुरक्षा घटनाओं की कुल संख्या 2023 में 15,92,917 और 2022 में 13,91,457 थीं जो बढ़कर 2024 में 20,41,360 हो गईं।

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