
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए इस दावे को खारिज कर दिया कि चीन ने उसके एक रिमोट संचालित विमान को हैक कर लिया। सेना के सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सेना ने मीडिया कर्मियों और सोशल मीडिया यूजर्स से इस तरह की असत्यापित और भ्रामक कंटेंट को प्रसारित करने से बचने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सेना अपनी सभी संपत्तियों की सुरक्षा और परिचालन अखंडता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
सोशल मीडिया पर हाल ही में प्रसारित एक पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि भारतीय सेना का आरपीए पूर्वी क्षेत्र में चीनी सीमा में घुस गया था। इसमें दावा किया गया कि RPA को चीनी ने हैक कर लिया था। सेना के एक सूत्र ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि उक्त पोस्ट पूरी तरह से बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत है। ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं। सूत्र के मुताबिक, सेना मीडिया कर्मियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से ऐसी असत्यापित और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने से बचने का आग्रह करती है, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र में अनावश्यक चिंता और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
दूसरी ओर, सेना ने कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ के साथ मारपीट मामले में दोषियों को दंडित करने के लिए पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निष्पक्ष जांच का मंगलवार को आह्वान किया। कर्नल सिंह ने पार्किंग विवाद को लेकर पंजाब पुलिस के 12 कर्मियों पर उनके और उनके बेटे के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने याचिका में आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस के तहत निष्पक्ष जांच असंभव है। कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ ने सोमवार को उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करके मामले की जांच सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने का अनुरोध किया। सेना के पश्चिमी कमान मुख्यालय चंडीमंदिर के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वाधवा ने कहा, ‘हम दोषियों को दंडित करने और व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निष्पक्ष व ईमानदार जांच की आवश्यकता पर जोर देते हैं।’