विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन देशद्रोह : योगी

बहराइच। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच में तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) के मुख्य भवन के उद्घाटन के दौरान अपने संबोधन में महाराजा सुहेलदेव के शौर्य को याद किया। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए यह संकेत दिया कि विदेशी आक्रांता सैयद सालार मसूद गाजी को महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच में पराजित किया था।

योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि बहराइच का ऐतिहासिक नाम ऋषि बालार्क के नाम पर था, जो इस स्थान की प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को दर्शाता है। उनके इस संबोधन से यह स्पष्ट होता है कि सरकार बहराइच की ऐतिहासिक पहचान को उजागर करने और स्थानीय नायकों के सम्मान को बढ़ाने पर जोर दे रही है।

सीएम योगी ने महाराजा सुहेलदेव और ऋषि बालार्क को बहराइच की पहचान बताते हुए कहा कि अधिकारी कर्मचारियों को अब अपने पोस्टिंग स्थल पर रात्रि निवास करना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भारत की सनातन संस्कृति की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरी दुनिया इसकी प्रशंसा कर रही है, और हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह भी अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करे।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी आक्रांता का महिमामंडन नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि नया भारत आक्रांताओं को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने इसे राष्ट्रभक्ति से जोड़ते हुए कहा कि आक्रांताओं का महिमामंडन करना देशद्रोह के समान है। योगी आदित्यनाथ के इस बयान से यह संदेश जाता है कि भारत की इतिहास, संस्कृति और नायकों को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए, और विदेशी आक्रांताओं को नायक के रूप में प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति को अस्वीकार किया जाना चाहिए।

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