सीएम योगी ने ऑनलाइन बैठकों पर दिया जोर

लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने आला अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वे वीकेंड में फील्ड विजिट कर योजनाओं का जमीनी मूल्यांकन करें। फील्ड के अधिकारियों को अनावश्यक राज्य मुख्यालय न बुलाएं, बल्कि विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक, संवाद और समीक्षा को प्राथमिकता दें। योगी ने रविवार शाम को बजट आवंटन और खर्च, वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की प्रगति सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों को ‘मिशन कर्मयोगी’ से जोड़ा जाना है। इस संबंध में जरूरी कार्यवाही की जाए। कार्मिकों की क्षमता बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। सीएम कार्यालय से इसकी मॉनिटरिंग की जाए।

योगी ने कहा कि स्वास्थ्य सेक्टर से हर व्यक्ति प्रभावित होता है। इसमें व्यापक सुधार की जरूरत है। हर व्यक्ति को समय पर और कम खर्च में इलाज सुलभ हो सके, यही प्राथमिकता होनी चाहिए। मरीजों की सुविधा और डॉक्टरों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाया जाए। आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों के इम्पैनलमेंट नियमों को सरल बनाएं। व्यवहारिकता का ध्यान रखें। प्रदेश में आज 80 मेडिकल कॉलेज हैं। इन सभी का सही संचालन हो, इसके लिए मेडिकल कॉलेजों की नियमित मॉनिटरिंग की जानी चाहिए।

सीएम ने बजट आवंटन और खर्च की समीक्षा करते हुए कहा कि कुछ विभागों में आवंटन के सापेक्ष व्यय की स्थिति संतोषजनक नहीं है। संबंधित विभागों के अफसर इसमें तेजी लाएं। जनहित में जहां भी नीतिगत सुधार आवश्यक होगा, सरकार करने को तैयार है। नीतिगत जड़ता की स्थिति नहीं होनी चाहिए। जिस भी व्यवस्था से आम लोगों को सुविधा हो, नीतियों में वैसा बदलाव करें। मिशन वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की सफलता के लिए हर विभाग को अपनी भूमिका का निर्वहन करना होगा। अपने पोटेंशियल को पहचानें, नए आयामों को विस्तार दें। लक्ष्य की विभाग स्तर पर 15 दिन, मंत्री स्तर पर हर महीने समीक्षा हो।

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