
देहरादून। उत्तराखंड चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले एक टेंशन भरी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले घोड़े और खच्चरों में एक्वाईन इन्फ्लुएंजा वायरस मिला है। यात्रा रूट पर 12 अश्ववंशीय पशुओं में वायरस मिलने के बाद धामी सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है।
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सचिवालय में बैठक आयोजित कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले और यात्रा के दौरान घोड़े-खच्चरों की वायरस को लेकर ठीक ढंग से स्क्रीनिंग पर फोकस करने को कहा गया है।
मंत्री बहुगुणा ने सख्त वार्निंग देते हुए कहा कि लापरवाही करने वाले अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त ऐक्शन लिया जाएगा। पूर्वाह्न आयोजित बैठक में अफसरों ने कैबिनेट मंत्री बहुगुणा को जानकारी दी कि रुद्रप्रयाग में 12 अश्ववंशीय पशुओं में एक्वाईन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि हुई है, जिन्हें क्वारंटीन कर दिया गया है।
यह बीमारी अन्य अश्ववंशीय पशुओं में तेजी से फैलती है, इसके मद्देनजर संबंधित घोड़े-खच्चरों के मालिकों को इन्हें अन्य जानवरों से दूर रखने की हिदायत दी गई है। मंत्री बहुगुणा ने उत्तराखंड के सभी पशु रोग नियंत्रण चौकियों पर अश्ववंशीय पशुओं की स्क्रीनिंग करने को निर्देशित किया है। इसके अलावा, रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी को उक्त रोग का संक्रमण रोकने के लिए सभी ऐहतियात बरतने की हिदायत दी है।
कैबिनेट मंत्री बहुगुणा ने बताया कि ऐहतियात के मद्देनजर रुद्रप्रयाग जिले में दो क्वारंटीन सेंटर बनाए जाएंगे। इनमें एक फाटा और दूसरा कोटमा में बनेगा। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में किसी भी रोगग्रस्त घोड़े-खच्चर को ले जाने की अनुमति नहीं जाएगी।
उत्तराखंड चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालु बड़ी संख्या में केदारनाथ और यमुनोत्री धाम घोड़े-खच्चरों से सफर करते हैं। राज्य के बाहर से भी यहां घोड़े-खच्चर आते हैं। विभागीय मंत्री ने पशुपालन विभाग के अफसरों को राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी घोड़ा बिना स्वास्थ्य परीक्षण के जाने नहीं दिया। उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चत करने को कहा है।
उत्तराखंड के पांच जिलों के सभी घोड़े-खच्चरों के सीरोलोजिकल सैंपल लिए जाएंगे, जिनकी जांच इंडियन वेटरी रिसर्च इंस्टीट्यूट मुक्तेश्वर में कराई जाएगी। यदि कोई अश्ववंशीय पशु पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे क्वारंटीन किया जाएगा। फिर 12 दिन बाद उसका सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उसे यात्रा में ले जाने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए संबंधित मालिक को यह रिपोर्ट दिखानी पड़ेगी।
उत्तराखंड में चारों धामों के कपाट खुलने की तारीखों का ऐलान हो चुका है। गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट 30 अप्रैल को खोले जाएंगे। चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को खोले जाएंगे, जबकि श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खुलेंगे।