लखनऊ निर्वाण आश्रय केंद्र के बच्चों की मौत का मामला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निर्वाण आश्रय केंद्र के 4 बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया है। जबकि 20 से ज्यादा बच्चों का इलाज चल रहा है। इसमें से करीब 16 बच्चों का इलाज लोकबंधु अस्पताल में चल रहा है। फूड प्वाइजनिंग की वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव बच्चों का हालचाल जानने के लिए लोकबंधु अस्पताल पहुंची थी। बृजेश पाठक ने बच्चों के उचित इलाज के लिए अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं। वहीं अपर्णा यादव ने कहा कि इसमें उच्च स्तरीय जांच होगी। दोषी पाए जाने पर संस्था के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल लखनऊ निर्वाण आश्रय केंद्र में कई बच्चे रहते हैं। वहां उन्हें रहने के साथ ही खाना भी उपलब्ध कराया जाता है। कुछ बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने के चलते उन्हें लोकबंधु राजनारायण संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन्हीं बच्चों का हालचाल जानने के लिए उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक लोकबंधु अस्पताल पहुंचे थे। बृजेश पाठक ने बच्चों से बातचीत की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से भी बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को बच्चों बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

वहीं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और बीजेपी नेत्री अपर्णा यादव भी कथित रूप से फूड पॉइजनिंग से प्रभावित बच्चों से मुलाकात करने के लिए लोकबंधु अस्पताल पहुंची थी। इस दौरान अपर्णा यादव ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना हुई है। बच्चे अंडर कंट्रोल है ये हमारे लिए खुशी की बात है। इस संस्थान को चलाने के लिए एक निजी संगठन को दिया गया था। बच्चे थोड़े मानसिक रूप से विकलांग हैं, उन्हें अधिक देखभाल दी जानी चाहिए। अपर्णा ने बताया कि इस संस्था की रिपोर्ट एक बार पहले भी आ चुकी है। हमारे एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम बहुत अच्छे से ध्यान दे रही है। लेकिन ये जांच का विषय है। मैं इसका संज्ञान लूंगी कि इसके पीछे कौन लोग हैं।

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