शतरंज में सबसे कम उम्र का विश्व चैंपियन बनना: डी गुकेश

भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने अपनी शतरंज यात्रा के बारे में बात करते हुए कहा कि उनका ध्यान हमेशा एक समय में केवल एक बाजी पर केंद्रित रहता है और वह विश्व चैम्पियनशिप में मजबूत वापसी करने की उम्मीद रखते हैं। चेन्नई के 18 वर्षीय इस युवा शतरंज खिलाड़ी का मुख्य लक्ष्य डिंग लिरेन को पछाड़कर शतरंज में सबसे कम उम्र का विश्व चैंपियन बनना है।

गुकेश ने मंगलवार को सिंगापुर में शतरंज विश्व चैम्पियनशिप में अपनी वापसी की, जब उन्होंने चीन के खिलाड़ी के खिलाफ काले मोहरे से खेलते हुए अपनी दूसरी बाजी ड्रा की। इससे पहले, सोमवार को जब गुकेश ने सफेद मोहरे से खेलते हुए अपना पहला मुकाबला खेला, तो लिरेन ने भारतीय खिलाड़ी की गलती का फायदा उठाते हुए बाजी को अपने नाम किया था। इस हार के बावजूद, गुकेश ने वापसी करते हुए अपने खेल को बेहतर किया और ड्रा हासिल किया, जो उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला था।

गुकेश, जो शतरंज में अपने तेज़ और आक्रामक खेलने के लिए जाने जाते हैं, ने कहा कि वह हर मैच में सुधार करने की कोशिश करते हैं और अपने खेल को निरंतर मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उनके अनुसार, विश्व चैम्पियनशिप में हर मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन उनका विश्वास है कि वह जल्द ही अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।

गुकेश ने 14 बाजियों वाले इस मैच के दूसरे मुकाबले के बाद कहा, ‘‘आज एक अच्छा दिन था और उम्मीद है कि हमारे पास और भी अच्छे दिन आएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विश्व चैम्पियनशिप मैच में काले मोहरों के साथ ड्रा हमेशा अच्छा होता है। यह मैच अभी शुरुआती चरण में है और हमारे पास अभी काफी समय है।’’ लिरेन ने पिछला विश्व चैंपियनशिप खिताब रूस के इयान नेपोमनियाचची के खिलाफ तीन बार पिछड़ने के बाद जीता था। ऐसे में गुकेश के पास भी वापसी का पूरा मौका है।

गुकेश ने कहा, ‘‘ विश्व चैम्पियनशिप में खेलने वाले किसी भी खिलाड़ी पर दबाव होना लाजमी है। यहां बहुत दबाव है। मैं हालांकि इसे एक चुनौती के तौर पर देख रहा हूं कि मैं इतने सारे लोगों और अपने देश का प्रतिनिधित्व कर सकता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक समय में एक मैच पर ध्यान दे रहा हूं। उम्मीद है कि चीजों को अपने पक्ष में कर पाउंगा।’’ गुकेश ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि शुरुआत (पहले मैच में हार के कारण) में आश्चर्यचकित होने के बाद मैंने लिरेन को कोई मौका नहीं दिया। काले मोहरों के साथ यह दमदार मुकाबला था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं अच्छा मैच खेलने की कोशिश करूंगा, क्योंकि आखिरकार आप जीतने के लिए केवल एक ही चीज कर सकते हैं वह है अच्छा खेल दिखाना।’’  इस चैम्पियनशिप में 7.5 अंक तक पहुंचने वाला खिलाड़ी विजेता बनेगा। इसकी पुरस्कार राशि 2.5 मिलियन डॉलर है। चीन के 32 साल के लिरेन ने कहा कि वह दूसरी बाजी को ड्रॉ करके संतुष्ट है। उन्होंने कहा, ‘‘ शुरुआती मुकाबले में मैंने कुछ नया आजमाया था और जाहिर है ऐसा करने के लिए आपको काफी याददाश्त की जरूरत होती है। मैंने आज भी लीक से हटकर कुछ प्रयास किया। मैंने इस तरह की चालों के लिए काफी तैयारी की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि कल कड़ा मुकाबला होगा। वह एक अंक पीछे है और उसके पास सफेद मोहरे होंगे, इसलिए मैं उसे टक्कर देने के लिए तैयार हूं।

गुकेश का लक्ष्य डिंग लिरेन को चुनौती देना और सबसे कम उम्र में विश्व चैंपियन बनने का है, जिससे वह शतरंज जगत में एक नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर हैं। उनके इस सपने को साकार करने के लिए वह निरंतर मेहनत और रणनीतिक तैयारी में लगे हुए हैं।

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