
नई दिल्ली। अमेरिका ने अपने अब तक के सबसे घातक लड़ाकू विमान के लिए बोइंग को करोड़ों डॉलर का अनुबंध दिया है। इस अत्याधुनिक फाइटर जेट की डील राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर हुई है। इस लड़ाकू विमान का नाम F-47 है। यह विमान ट्रंप के ‘नेक्स्ट जनरेशन एयर डोमिनेंस’ (एनजीएडी) के तहत अमेरिकी वायु सेना को जल्द मिलने वाला है। ट्रंप ने दावा किया है कि यह इतिहास में अब तक का सबसे खतरनाक लड़ाकू विमान होने वाला है, इसलिए मित्र देशों से अभी से डिमांड आने लगी है। इसका निर्माण अमेरिका के लिए चीन और रूस के खिलाफ प्रतिस्पर्धा में फायदेमंद साबित होगी।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने सबसे तेज स्टेल्थ विमान एफ-47 को अब तक का सबसे घातक विमान बताया है। उनके अनुसार, दुनिया ने ऐसा विमान पहले कभी नहीं देखा है। ट्रंप ने आगे कहा कि इस विमान का एक “संस्करण” पिछले पांच वर्षों से गुप्त रूप से उपयोग में है। ट्रंप ने इस दौरान यह भी कहा कि “हमारे सहयोगी बार-बार फोन कर रहे हैं, वे भी इसे खरीदना चाहते हैं।”
बताया गया है कि यह विमान रडार पर दिखाई नहीं देगा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस होगा और इसमें ड्रोन को नियंत्रित करने की क्षमता भी होगी। इससे बोइंग उत्पादों की बिक्री में वृद्धि हो सकती है, जिन्हें हवाई यात्रा में सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
छठी पीढ़ी के इस विमान का डिजाइन अभी भी गुप्त है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार, स्टेल्थ जैसी क्षमताओं के अलावा, यह विमान उन्नत सेंसर और इंजन से भी लैस है। वाइट हाउस के ओवल ऑफिस में ट्रंप की उपस्थिति में विमान का केवल एक छोटा सा हिस्सा और सामने का लैंडिंग गियर दिखाया गया। बीबीसी के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना प्रमुख जनरल डेविड एलोन ने कहा कि “एफ-47, एफ-22 की तुलना में सस्ता होगा और इसमें भविष्य के खतरों से निपटने की क्षमता होगी।”