
लखनऊ। गुडंबा इलाके में सोमवार देर रात एक दारोगा की हार्ट अटैक से मौत हो गई। शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। शव ले जाने को लेकर दारोगा की दो पत्नियां आपस में भिड़ गईं। मौके पर पहुंची पुलिस शव पिता के सुपुर्द कर दिया। उनके बेटे ने आरोप लगाया कि संपत्ति के लिए पिता को जहर दिया गया।
थाना प्रभारी प्रभातेश श्रीवास्तव ने बताया कि जौनपुर निवासी संजय पाठक (52) जिला जालौन, उरई पुलिस लाइन में तैनात थे। कुछ दिनों पहले वह छुट्टी लेकर आदिल नगर में रहने वाली दूसरी पत्नी आराधना के घर आए थे। हार्ट अटैक से उनकी हालत बिगड़ गई। आराधना उनको अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
संजय की मौत की सूचना गुडंबा पुलिस को पहली पत्नी चंद्र कुमारी ने दी। शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। मंगलवार दोपहर पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर आराधना और चंद्र कुमारी दोनों पत्नियां और उनके परिवारीजन पहुंच गए और शव ले जाने को लेकर आपस में भिड़ गए। मामला बढ़ने पर सूचना चौक पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव संजय के पिता दयाशंकर पाठक के सुपुर्द कर दिया। पिता शव लेकर चले गए।
जौनपुर के मछली शहर के मूल निवासी संजय उरई जिले की कोतवाली नगर में तैनात थे और आदिलनगर में अपनी दूसरी पत्नी आराधना अंसारी के साथ रहते थे, जिनसे उन्होंने 2016 में शादी की थी और उनके दो बेटे अभिनव और अरनव हैं, जबकि उनकी पहली पत्नी चंद्रकुमारी पाठक तीन बेटियों और बेटे आशीष के साथ मछली शहर में रहती हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है और पहली पत्नी के बेटे आशीष ने आराधना पर स्लो पॉइजन देने का आरोप लगाया है, जबकि आराधना ने बताया कि उनके पति की मौत तबीयत खराब होने से हुई है।



