
चित्रकूट। आध्यात्मिक संत जगद्गुरू स्वामी रामभद्राचार्य ने मध्य प्रदेश के चित्रकूट में शराब पर बैन लगने का स्वागत किया है, इसके साथ ही उन्होंने चित्रकूट को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की बात कहते हुए कहा कि यहां पर मांस पर भी बैन लगना चाहिए। साथ ही उन्होंने संसद में पेश होने वाले वक्फ संशोधन विधेयक के भी पुरजोर समर्थन की बात कही।
शराब पर बैन लगने के बारे में बात करते हुए चित्रकूट स्थित तुलसी पीठाधीश्वर संत जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, ‘बहुत अच्छा हो रहा है, चित्रकूट में शराबबंदी लागू हो जाए और मांस भी यहां नहीं बिके। चित्रकूट को आध्यात्मिक राजधानी बनना है और वक्फ बोर्ड बिल का भी मैं बहुत समर्थन करता हूं।
विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा वक्फ बोर्ड संशोधन बिल का विरोध करने को लेकर उन्होंने कहा, ‘वो मूर्ख हैं, उनको ज्ञान नहीं है, वो मुसलमानों का वोट बैंक चाहते हैं।’ वहीं जब उनसे औरंगजेब द्वारा चित्रकूट में मंदिर बनवाए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘उसने मंदिर बनवाया नहीं था, झूठ बोलते हैं। चित्रकूट में उसने मंदिर कहां बनवाया, वह बालाजी मंदिर तोड़ने आया था, लेकिन उससे टूट नहीं पाया। उसने बनवाया कहां। वह ऐसे ही लौट गया।’
बता दें कि संत रामभद्राचार्य महाराज ने संकल्प लिया है कि जब तक मथुरा में शाही ईदगाह को हटाकर मूल गर्भगृह पर भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर नहीं बन जाता तब तक वह ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन नहीं करेंगे। इस बात की जानकारी पिछले महीने उनसे मिलने पहुंचे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने एक बयान में दी थी।
सिंह ने कहा था कि रामभद्राचार्य ने उन्हें यह भी भरोसा दिलाया है कि वह राम जन्मभूमि-बाबरी ढांचा विवाद मामले में दी गई गवाही के समान ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में भी न्यायालय में उपस्थित होकर अपनी गवाही देने उच्च न्यायालय अवश्य पहुंचेंगे। उन्होंने बताया था कि रामभद्राचार्य ने कहा कि मथुरा में जब तक भगवान श्रीकृष्ण के मूल गर्भगृह को मुक्त कराकर वहां भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता तब तक वह ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन नहीं करेंगे।