
29 मार्च को साल का पहला सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह सूर्यग्रहण कई मायनों में बेहद खास होने जा रहा है। दरअसल, इस बार सूर्यग्रहण के साथ शनि का गोचर भी मीन राशि में होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में शनि और सूर्य के संबंध अच्छे नहीं बताए गए हैं। ऐसे में साल का पहला सूर्यग्रहण मीन राशि में लगेगे और शनि भी मीन राशि में गोचर कर जाएंगे। ऐसे में जहां-जहां यह ग्रहण दृश्य होगा वहां सूतक काल को लेकर बहुत ही संभलकर रहने की जरूरत है। साथ ही इस ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को भी बहुत संभलकर रहना होगा।
सूर्यग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहिए। या फिर आप अपने इष्टदेव के मंत्र का भी जप कर सकते हैं। सूर्यग्रहण के दौरान महिलाओं में पाचन दोष बढ़ जाता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को इस दौरान पहले से बना भोजन करने से बचना चाहिए। अगर आप चाहें तो फलों का सेवन कर सकते हैं। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर जाना पड़े तो पहले अपने पेट पर गेरु लगाकर जाए।
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान धारदार वस्तुओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए। महिलाओं को चाकू, कैंची और सिलाई कढ़ाई आदि कार्यों से परहेज करना चाहिए। साथ ही सूर्यग्रहण के दौरान सोने से बचना चाहिए। जितना हो सके भगवान का ध्यान पूजन करना चाहिए। हालांकि सूर्यग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है इसलिए इस दौरान मंदिर में न जाएं और भगवान की मूर्तियों को स्पर्श भी न करें। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान आदि करके पूरे घर में गंगाजल छिड़कना चाहिए।
साल का पहला सूर्यग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा। इसलिए इस सूर्यग्रहण का प्रभाव भारत पर ज्यादा दिखाई भी नहीं देगा। यह साल का पहला सूर्यग्रहण इंग्लैंड, उत्तरी अमेरिका के पूर्वी क्षेत्रों, दक्षिण अमेरिका के उत्तरी भाग, फिनलैंड, इटली, फ्रांस, जर्मनी,उत्तरी ब्राजील, बारमूडा, फिनलैंड, इटली,पुर्तगाल, रोमानिया, उत्तरी रूस, स्पेन, मोरक्को, यूक्रेन,