
नई दिल्ली। नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय लगातार निगरानी कर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा तय समयसीमा के भीतर नक्सल के खात्मे की रणनीति को फाइनल टच देने का काम उच्च स्तर पर हो रहा है। सूत्रों ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह अप्रैल के पहले हफ्ते में दंतेवाड़ा जा सकते हैं। चार या पांच तारीख को उनका दंतेवाड़ा दौरा हो सकता है। साढ़े तीन माह के भीतर एक बार फिर से नक्सल के गढ़ में शाह का दौरा तय होना काफी अहम माना जा रहा।
गृह मंत्री अमित शाह जमीनी अभियान की समीक्षा के साथ नक्सल के खिलाफ आखिरी जंग की दिशा भी तय करेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि हमने नक्सलियों के वित्तीय स्रोतों पर पूरी तरह नकेल कस दी है। हथियार सप्लाई की चेन भी टूट गई है। अब उनके बचे खुचे संसाधनों को खत्म किया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि अगर मार्च 2026 तक नक्सलवाद का खात्मा पूरी तरह करना है तो छह माह पहले जीरो घटना सुनिश्चत करनी होगी। इस हिसाब से अक्तूबर 2025 तक नक्सल हिंसा को पूरी तरह समाप्त करने की चुनौती सुरक्षा बलों के सामने है। सुरक्षा बल से जुड़े एक आला अधिकारी ने कहा कि आधा दर्जन से ज्यादा केंद्रीय व राज्य सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां मिलकर अभियान को तय समय सीमा से पहले ही खत्म करना चाहती हैं। अधिकारियों को भरोसा है कि नक्सलियों के कोर गढ़ में सुरक्षा बलों का प्रभुत्व बनना और वहां कैंप बनाकर विकास की सारी योजनाओं को पहुंचाने की मुहिम जमीन पर नजर आ रही है। नक्सली इलाकों में हैलीपैड बन गए हैं। सड़कों का जाल है और अत्याधुनिक हथियार, जंगलों की मैपिंग में सक्षम ड्रोन आदि से सुसज्जित कैंपों से आपरेशन संचालित हो रहे हैं।
पिछले दिनों बीजापुर एनकाउंटर वाली जगह पर नक्सलियों का एक पत्र सुरक्षा बलों को मिला है। गोंडी भाषा में लिखे गए दो पन्नों के पत्र में नक्सलियों के सेफ जोन रहे स्थानों में भी खतरे का अंदेशा जताया गया है। नक्सली लीडर द्वारा अपनी एक महिला नक्सल कमांडर को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि बोडका,गमपुर,डोडीतुमनार और तोड़का के जंगल भी अब सुरक्षित ठिकाना नहीं रहे। अबूझमाड़ के जंगलों को पूरी तरह सुरक्षाबलों ने मैप करके अपना प्रभाव जमा लिया है। पिछले एक साल में छत्तीसगढ़ में 380 नक्सली मारे गए हैं, करीब 1194 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 1045 ने सरेंडर किया है।
दंतेवाड़ा दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आदिवासी सांस्कृतिक महोत्सव बस्तर पंडुम के समापन में शामिल होने के साथ नक्सलियों का एनकाउंटर करने वाले जवानों से भी मिल सकते है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों के अभियान के साथ आम लोगों का भरोसा जीतने और उन्हें सरकार के साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति पर तेजी से काम हो रहा।