राजपूत या किसी समाज का अपमान नहीं : अखिलेश

लखनऊ।  राणा सांगा विवाद पर उत्तर प्रदेश में राजनीति लगातार गहराती जा रही है। राजपूत समाज राणा सांगा के अपमान का मुद्दा उठाकर समाजवादी पार्टी से सफाई की मांग कर रहा था। करणी सेना ने राज्यसभा में बयान देने वाले सांसद रामजी लाल सुमन पर करारा हमला बोल दिया है। यूपी चुनाव 2027 से पहले एक बड़ा वर्ग सीधे तौर पर अखिलेश से नाराज होता दिख रहा है। इसको लेकर अब समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान सामने आया है। उन्होंने इस पूरे विवाद के पीछे भारतीय जनता पार्टी का हाथ होने की बात कही है। इस मामले को लेकर बीजेपी पर हमला बोला है। उन्होंने भाजपा को दरारवादी पार्टी करार देते हुए किसी समाज के अपमान न किए जाने की बात कही है।

राणा सांगा पर सपा सांसद रामजी लाल सुमन के बयान पर आया अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज की स्थापना में विश्वास करती है। हम कमजोर से कमजोर हर एक व्यक्ति को भी सम्मान दिलाना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य किसी इतिहास पुरुष का अपमान करना नहीं हो सकता। समाजवादी पार्टी मेवाड़ के राजा राणा सांगा की वीरता और राष्ट्रभक्ति पर कोई सवाल नहीं कर रही है। भाजपा ने इतिहास के कुछ विषयों को सदैव राजनीतिक लाभ उठाने के लिए और देश को धार्मिक-जातिगत आधार पर विभाजित करने के लिए इस्तेमाल किया है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि हमारे सांसद ने सिर्फ एक पक्षीय लिखे गये इतिहास और एक पक्षीय की गई व्याख्या का उदाहरण देने की कोशिश की है। हमारा कोई भी प्रयास राजपूत समाज या किसी अन्य समाज का अपमान करना नहीं है। आज के समय में बीते कल की मतलब ‘इतिहास’ की घटनाओं की व्याख्या नहीं की जा सकती।

कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि राजकाज के निर्णय अपने समय की परिस्थियों की मांग के हिसाब से लिए जाते थे। इतिहास की घटनाओं के आधार पर आज की लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं चल सकती है। भाजपा सरकार को अपनी भेदकारी आदत को सुधार कर जनता के रोजी-रोजगार, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर कुछ ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा दरारवादी पार्टी है।

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