
नई दिल्ली। किसान आंदोलन से जुड़ी इस बड़ी खबर में पंजाब पुलिस ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर 13 महीनों से डेरा डाले बैठे किसानों को हटा दिया। इसके साथ ही, केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक करके लौट रहे किसान नेताओं, सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। इस घटनाक्रम के बीच, किसान नेता राकेश टिकैत का बड़ा बयान सामने आया है। टिकैत का यह बयान आने वाले समय में किसान आंदोलन की दिशा और सरकार के साथ उनके संबंधों को लेकर अहम संकेत दे सकता है। इस कार्रवाई के बाद किसान संगठनों की आगे की रणनीति क्या होगी, यह देखने वाली बात होगी।
राकेश टिकैत ने आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी लड़ाई केंद्र सरकार से है, लेकिन AAP सरकार बेवजह इसमें कूद गई है। उन्होंने पंजाब पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि जो भी किसान गिरफ्तार किए गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जाए। टिकैत ने यह भी साफ किया कि किसानों का संघर्ष केंद्र सरकार के खिलाफ जारी रहेगा और अब आगे की रणनीति किसान संगठनों के फैसले के अनुसार तय होगी। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि किसानों का विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकता है और वे केंद्र सरकार के साथ बातचीत की नई शर्तें रख सकते हैं।
मोहाली में किसान नेताओं की गिरफ्तारी के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। जब पंजाब पुलिस ने किसान नेताओं को हिरासत में लिया, तो किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। स्थिति को देखते हुए कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। पुलिस ने धरना स्थल पर कार्रवाई करते हुए किसानों के टेंट, बैरिकेड्स और मंच को जेसीबी से हटवा दिया। जैसे ही किसानों को इस कार्रवाई की जानकारी मिली, वे बड़ी संख्या में बॉर्डर पर इकट्ठा होने लगे और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। अब हालात किस ओर जाएंगे, यह इस पर निर्भर करेगा कि किसान संगठनों की अगली रणनीति क्या होगी और सरकार इस पर क्या रुख अपनाएगी।