जयशंकर ने पाकिस्तान पर बिना नाम लिए साधा निशाना

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रायसीना डायलॉग के दूसरे दिन बिना नाम लिए पाकिस्तान पर निशाना साधा। जयशंकर ने कहा कि एक अंतर्राष्ट्रीय ऑर्डर न होने की वजह से न सिर्फ बड़े देशों को फायदा मिलता है, बल्कि दूसरे अतिवादी रुख अपनाने वाले देश इसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करते हैं। जरूरी नहीं है कि कोई देश छोटा है तभी वो जोखिम भरा नहीं हो सकता। जोखिम लेने के लिए किसी देश को बड़ा होने की जरूरत नहीं होती।

विदेश मंत्री ने न्यायसंगत और निष्पक्ष संयुक्त राष्ट्र पर जोर दिया। जयशंकर ने कहा कि अगर दुनिया में अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था नहीं होगी तो कई तरह के खतरे पैदा हो जाएंगे। पुरानी अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था अपने वक्त का प्रोडक्ट थी। उस व्यवस्था में नियम बनाने वाले और नियम का पालन करने वालों के अपने अलग नजरिए थे। जयशंकर ने कहा कि दुनिया के काम का हिसाब किताब रखने के लिए एक मजबूत यूएन की जरूरत है, लेकिन ये एक न्यायसंगत संस्था होनी चाहिए, निष्पक्ष होनी चाहिए। एक मजबूत ग्लोबल ऑर्डर में मानकों को लेकर एक निरंतरता कायम रहनी चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि पड़ोसी देश म्यांमार में मिलिट्री तख्तापलट होता हैं, तो वो किसी को मंजूर नहीं, लेकिन पश्चिम में नियमित तौर पर ऐसे तख्तापलट दिखते हैं, तब सवाल नहीं उठता। उन्होंने तालिबान का भी ज़िक्र किया और कहा कि जब आपको सही लगता है तो तालिबान सही हो जाता है और जब आपको ग़लत लगता है तो तालिबान ग़लत हो जाता है।

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय एकता की जोरदार अपील की। रायसीना डायलॉग में बोलते हुए कहा,कीव मॉस्को के साथ विवाद का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है लेकिन वह अपनी क्षेत्रीय अखंडता से समझौता नहीं करेगा। मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने के लिए वैश्विक समर्थन और वैश्विक एकता की आवश्यकता है। हम बिना शर्त युद्ध विराम के लिए सहमत हुए हैं।

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