भारतीय रसोई में बेहद लोकप्रिय है जीरा

स्वस्थ रहने के लिए रोजाना पेट का साफ होना और डाइजेशन का हेल्दी होना बेहद जरूरी होता है। हालांकि अक्सर लोग पेट साफ न होने या फिर कब्ज की समस्या को मजाक में ले लेते हैं। लेकिन हेल्दी डाइजेशन में हेल्दी सेहत का राज छिपा है। पेट सही से साफ न होने पर, भारीपन, पेट में ऐंठन, छाती में जलन, सिरदर्द, बवासीर और गैस हो सकती है। वहीं रोजाना पेट साफ करने के लिए लोग सीरप या फिर टैबलेट का सहारा लेते हैं। लेकिन यह सही नहीं माना जाता है।

जीरा भारतीय रसोई में वाकई बेहद लोकप्रिय और आवश्यक मसाला है। इसका उपयोग न केवल खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है, बल्कि यह स्वास्थ्य लाभ के लिए भी जाना जाता है। भारतीय भोजन में जीरे का उपयोग हर प्रकार के व्यंजन में होता है—करी, दाल, सब्जियां, रोटियां, चाय, रायता, और भी बहुत कुछ। इसकी विशेष खुशबू और तीव्र स्वाद भारतीय व्यंजनों में एक अलग ही मजा डालते हैं।

जीरा (Cumin) एक प्रमुख मसाला है जो भारतीय रसोई में बेहद लोकप्रिय है और भोजन को स्वादिष्ट बनाने में उपयोग किया जाता है। यह एक ताजगी और विशेष खुशबू देने वाला मसाला होता है, जिसे Cuminum cyminum पौधे के बीजों से प्राप्त किया जाता है। जीरा अपने तीव्र और हल्के कड़वे स्वाद के लिए जाना जाता है और इसे साबुत या पाउडर रूप में उपयोग किया जाता है।

एक चम्मच जीरे को रातभर पानी में भिगोकर सुबह उठकर इसे पीने से पाचन सही रहता है और गैस की समस्या दूर होती है। जीरे का पेस्ट बनाकर शहद के साथ सेवन करने से खांसी और कफ में राहत मिलती है। जीरे को घी या तेल में तड़का लगाने के लिए सबसे पहले डालते हैं। इससे वह ताजगी और स्वादपूर्ण हो जाता है। दाल, सब्जी, चावल, राइस पुलाव, और सूप में इसका तड़का लगाया जाता है।

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