महादेव की नगरी काशी में बंपर ट्रैफिक

वाराणसी। महादेव की नगरी काशी में महाकुंभ (Mahakumbh) से लौटकर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच माघ पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले रविदास जयंती पर भी रैदासियों की संख्या ने काशी में तिल रखने की जगह नहीं छोड़ी है। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि की तैयारी भी शुरू हो गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय जिले के सभी आला अधिकारी दिन रात सड़कों पर घूम-घूमकर भीड़ को नियंत्रित तरीके से दर्शन, पूजन और स्नान कराने के लिए मेहनत कर रहे है। इन सब के बीच आम कारोबारी बनारसी तो खुश है। लेकिन नौकरीपेशा और आम शहरी अब इस भीड़ से परेशान होने लगे हैं।

शहर में प्रवेश करने के कुल 6 मुख्य मार्ग है, जो अगल-बगल के जिलों और प्रदेश से जुड़ती है। इसमे बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश , छतीसगढ़, कर्नाटक, पंजाब, बंगाल के श्रद्धालु प्रयागराज अयोध्या होते हुए काशी आ रहे हैं। एंट्री पॉइंट पर बीते दो दिनों से बाहरी नंबरों के गाड़ियों के एंट्री पर रोक लगा दी गयी है। हालांकि इस फैसले का शहर के अंदर एक सकारात्मक असर भी दिख रहा है कि कम से कम लाखो श्रद्धालु पैदल चलकर मंदिर और घाट तक पहुंच पा रहे हैं।

Related Articles

Back to top button