
लोकसभा चुनाव 2024 के पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल को होनी है। 8 दिन बाकी है, इससे पहले भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की एक और सूची जारी कर दी है। यह पार्टी की 11वीं सूची है। हालांकि इसमें एक ही उम्मीदवार का ऐलान हुआ है, लेकिन उत्तर प्रदेश की बड़ी सीट से उम्मीदवार की घोषणा हुई है।
भाजपा ने उत्तर प्रदेश की भदोही लोकसभा सीट से डॉ विनोद कुमार बिंद को टिकट दिया है। भाजपा अभी तक उत्तर प्रदेश की 71 सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान कर चुकी है। कैसरगंज, रायबरेली, देवरिया और फिरोजाबाद लोकसभा सीटों के प्रत्याशियों की घोषणा बाकी है। कैसरगंज में वर्तमान सांसद बृजभूषण शरण सिंह का टिकट कटने की संभावना है।
भाजपा ने 10वीं सूची की थी, जिसमें 9 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई थी। कल की लिस्ट में उत्तर प्रदेश की 7 सीटों के प्रत्याशी घोषित हुए थे। पश्चिम बंगाल और चंडीगढ़ के उम्मीदवार का नाम भी था। चंडीगढ़ से किरण खेर का टिकट काटकर संजय टंडन को दिया गया है। संजय टंडन चंडीगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।
पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से एसएस अहलुवालिया को चुनावी रण में में उतारा गया। यह सीट भोजपुरी सिंगर पवन सिंह के कारण सुर्खियों में है। भाजपा ने अपनी पहली सूची में पवन सिंह को इस सीट से टिकट दिया था, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार करते हुए टिकट लौटा दिया था। इसलिए यह सीट इस बार लोकसभा चुनाव 2024 में की हॉट सीट बन गई है।
डॉ. विनोद कुमार बिंद निषाद पार्टी के सदस्य हैं और मिर्जापुर की मझवां विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक हैं। विनोद पेशे से डॉक्टर हैं और अपना अस्पताल खोला हुआ है। भदोही में उन्हें तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सीट पर चुनाव लड़ रहे ललितेशपति त्रिपाठी टक्कर देंगे, जो सपा-तृणमूल कांग्रेस गठबंधन के तहत चुनावी रण में उतारे गए हैं। समाजवादी पार्टी ने यह सीट तृणमूल कांग्रेस को दी हुई है।
ललितेशपति प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के पड़पोते हैं। मिर्जापुर की मड़िहान विधानसभा सीट से MLA रह चुके हैं। वहीं विनोद समाजवादी पार्टी छोड़कर निषाद पार्टी में आए थे। विधानसभा चुनाव 2022 में वे मझवां सीट से लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें भदोही की ज्ञानुपर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया, इसलिए उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़ दी थी।